लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाली गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दारुल उलूम फरंगी महल में तीन दिवसीय तिरंगा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में मदरसे के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और तिरंगे को अपनी कला के माध्यम से उकेरा।
प्रतियोगिता के दौरान छात्रों में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने तिरंगे के रंगों और उसके महत्व को अपनी पेंटिंग के जरिए प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों और देश की एकता एवं अखंडता के महत्व से उन्हें परिचित कराना रहा।
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने किया उद्घाटन
तीन दिवसीय प्रतियोगिता का उद्घाटन काजी-ए-शहर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों का उत्साह बढ़ाया और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की कुर्बानियों को याद करने की अपील की।
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि देश की आजादी अनेक लोगों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। ऐसे में नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के इतिहास और इसके लिए दी गई कुर्बानियों को याद रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के प्रति जिम्मेदारी और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
तिरंगे को लेकर छात्रों में दिखा उत्साह
प्रतियोगिता में मदरसे के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने तिरंगे को केंद्र में रखते हुए अलग-अलग पेंटिंग तैयार कीं। कार्यक्रम के दौरान छात्रों में प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
आयोजकों का उद्देश्य केवल पेंटिंग प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना भी रहा। तिरंगे के माध्यम से छात्रों को देश की एकता और विविधता का संदेश देने का प्रयास किया गया।
“इस्लाम इंसान की गुलामी को नापसंद करता है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि इस्लाम इंसान की गुलामी को नापसंद करता है। उन्होंने आजादी के महत्व को समझने और देश के लिए किए गए संघर्षों को याद रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि देश की तरक्की के लिए समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी विश्वास और भाईचारा जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को दूर रखते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और एकता को बढ़ावा दें।
नौजवानों से भाईचारा बढ़ाने की अपील
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनसे समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य नौजवानों के हाथ में है और युवा पीढ़ी अगर एकता, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े तो देश को विकास के रास्ते पर और तेजी से आगे ले जाया जा सकता है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करना आज की जरूरत है।
एकता और भाईचारे से देश को आगे बढ़ाने का संदेश
दारुल उलूम फरंगी महल में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता के जरिए छात्रों को राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में तिरंगे को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सामने लाने के साथ उन्हें देश के लिए किए गए बलिदानों को याद करने और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि एकता, आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना के साथ ही देश को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रतियोगिता में छात्रों की भागीदारी ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।
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