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लखनऊ, 24 अगस्त 2026। हिंदी को सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संवेदनाओं, विचारों और संस्कृति से जोड़ने वाली कड़ी माना जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय और काव्योम फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 15 दिवसीय ‘साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव क्षितिज 5.0’ का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति, रचनात्मकता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का एक साथ संगम देखने को मिलेगा।

आयोजकों के अनुसार, यह उत्सव केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने और साहित्य से जुड़ने का एक बड़ा मंच भी देगा। कार्यक्रम के तहत 1 से 12 सितंबर 2026 के बीच लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली और हरदोई जनपद के 20 से अधिक शिक्षण संस्थानों में विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

इन प्रतियोगिताओं में अलग-अलग शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।

20 से अधिक शिक्षण संस्थानों में होंगी प्रतियोगिताएं

‘क्षितिज 5.0’ की सबसे खास बात यह है कि इसका दायरा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत लखनऊ के साथ-साथ सीतापुर, रायबरेली और हरदोई के 20 से अधिक शिक्षण संस्थानों को जोड़ा गया है।

1 से 12 सितंबर तक इन संस्थानों में विभिन्न साहित्यिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को किताबों और पाठ्यक्रम से आगे निकलकर साहित्य की वास्तविक दुनिया से जोड़ने में मदद करते हैं।

आज के दौर में जब विद्यार्थियों का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों में व्यस्त रहता है, ऐसे आयोजन उन्हें साहित्य, कविता, कहानी और भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का काम कर सकते हैं।

14-15 सितंबर को लखनऊ विश्वविद्यालय में होगा भव्य समापन

प्रतियोगिताओं के बाद विजेताओं और प्रतिभागियों के सम्मान के लिए 14 और 15 सितंबर 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ‘हिंदी दिवस के मुख्य समारोह’ का आयोजन किया जाएगा।

14 सितंबर को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम में साहित्य और कला जगत से जुड़े कई जाने-माने चेहरे भी शामिल होंगे।

समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश सैनी के साथ वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष शुक्ल और सरोजिनी नगर के विधायक राजेश्वर सिंह अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

इस दौरान विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों को वरिष्ठ अतिथियों के विचार सुनने का भी अवसर मिलेगा। आयोजकों की योजना कार्यक्रम को ऐसा मंच बनाने की है, जहां शिक्षा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े लोग एक साथ नजर आएं।

कहानी, सिनेमा और सोशल मीडिया का भी रहेगा तड़का

‘क्षितिज 5.0’ को केवल पारंपरिक साहित्यिक आयोजन न बनाकर आधुनिक अभिव्यक्ति के माध्यमों से भी जोड़ने की कोशिश की गई है। कार्यक्रम में कथारंग फ़ाउंडेशन की ओर से कहानियों की विशेष प्रस्तुति की जाएगी। इसके लिए नूतन वसिष्ठ, अनुपमा शरद और पुनीता अवस्थी सहित सदस्य उपस्थित रहेंगे।

कहानी कहने की परंपरा को मंच पर जीवंत अंदाज में पेश करने का यह प्रयास कार्यक्रम को खास बनाने वाला है। साहित्य को केवल पढ़ने के बजाय उसे सुनने और महसूस करने का मौका भी दर्शकों को मिलेगा।

इसके साथ ही सिनेमा और सोशल मीडिया जगत से जुड़े कलाकार भी समारोह में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। आयोजकों के अनुसार कुशल दुबे, द ऐसटैग और ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, द माचो बर्ड टीम के साथ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इससे आयोजन में साहित्य के साथ-साथ आधुनिक मनोरंजन और डिजिटल दुनिया की झलक भी देखने को मिलेगी।

मंच पर नजर आएंगे गीतकार ज्ञान प्रकाश आकुल

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गीतकार ज्ञान प्रकाश आकुल की भी मंच पर उपस्थिति रहेगी। साहित्यिक आयोजन में गीत और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अपना अलग महत्व होता है। ऐसे में गीतकार की मौजूदगी कार्यक्रम के सांस्कृतिक पक्ष को और समृद्ध करेगी।

आयोजकों का कहना है कि ‘क्षितिज 5.0’ में साहित्य को सिर्फ गंभीर विषय के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, भावनाओं और संस्कृति से जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

15 सितंबर को कवि सम्मेलन के साथ समापन

दो दिवसीय हिंदी दिवस मुख्य समारोह का समापन 15 सितंबर को एक भव्य कवि सम्मेलन के साथ होगा। इस अवसर पर अशोक अग्निपथी एवं अन्य कविगण मौजूद रहेंगे।

कवि सम्मेलन कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण होगा। कविता के माध्यम से सामाजिक सरोकार, संवेदनाएं और समकालीन जीवन से जुड़े विषयों को मंच पर जगह मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए यह शाम खास हो सकती है।

इस तरह 1 सितंबर से शुरू होने वाला ‘क्षितिज 5.0’ प्रतियोगिताओं से होते हुए 14 सितंबर के पुरस्कार वितरण और 15 सितंबर के कवि सम्मेलन तक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक माहौल बनाए रखेगा।

आयोजन में कई संस्थाओं का सहयोग

‘क्षितिज 5.0’ के आयोजन में कई संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। कार्यक्रम का प्रायोजक सिटीकार्ट, फैमिली फ़ैशन स्टोर है। इसके अलावा माँ पीतांबरा देवी बागलामुखी ट्रस्ट, उत्तराखंड, काव्योम पब्लिकेशन और काव्योम स्टोर की ओर से विशेष सहयोग प्राप्त होगा।

कार्यक्रम का आयोजन हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन और सहयोग से किया जाएगा। इससे आयोजन को विश्वविद्यालय के अकादमिक वातावरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।

काव्योम फ़ाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम का संयोजन अच्युत बाजपेई करेंगे।

विद्यार्थियों के लिए यादगार बन सकता है उत्सव

‘क्षितिज 5.0’ की खासियत यह है कि इसमें विद्यार्थियों को केंद्र में रखा गया है। अलग-अलग जिलों के शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगिताओं के आयोजन से बड़ी संख्या में युवा इस साहित्यिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।

किसी विद्यार्थी के लिए मंच पर पहली बार अपनी कविता सुनाना, कहानी कहना या किसी साहित्यिक प्रतियोगिता में हिस्सा लेना उसके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला अनुभव हो सकता है। ऐसे आयोजन प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ युवाओं को यह एहसास भी कराते हैं कि हिंदी और भारतीय भाषाओं में आज भी रचनात्मक संभावनाओं की कोई कमी नहीं है।

आयोजकों की ओर से इसे हिंदी पखवाड़े के अवसर पर भाषा, साहित्य और संस्कृति को एक साथ जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

हिंदी के साथ आधुनिक भारतीय भाषाओं पर भी फोकस

कार्यक्रम का आयोजन हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग की भागीदारी से होने के कारण हिंदी के साथ भारतीय भाषाओं की व्यापक सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी देखने को मिल सकती है। भारतीय भाषाएं देश की विविधता को एक साथ जोड़ती हैं और साहित्य इस विविधता को अभिव्यक्ति देने का सबसे प्रभावी माध्यम रहा है।

‘क्षितिज 5.0’ इसी विचार को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में सामने आ रहा है। साहित्यिक प्रतियोगिताओं से लेकर कहानी प्रस्तुति, गीत और कवि सम्मेलन तक कार्यक्रम में अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे।

कुल मिलाकर, सितंबर का पहला पखवाड़ा लखनऊ और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों तथा साहित्य प्रेमियों के लिए काफी खास रहने वाला है। 1 से 12 सितंबर तक प्रतियोगिताएं और 14-15 सितंबर को लखनऊ विश्वविद्यालय में मुख्य समारोह के जरिए ‘क्षितिज 5.0’ साहित्य और संस्कृति के लिए एक बड़ा मंच तैयार करेगा।

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