लखनऊ। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सियासी हलचल तेज हो गई। यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरे। दारुलशफा से विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया।
सैकड़ों समर्थकों के साथ निकाला मार्च
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
आरएलडी कार्यालय के आसपास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षा के केंद्र हैं और इनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई से सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों का होता है।
मौर्य ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यूनिवर्सिटी से जुड़े ध्वस्तीकरण संबंधी निर्देशों को वापस लेने की मांग की।
‘छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़’
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से छात्रों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने सरकार से विश्वविद्यालय को लेकर लिए गए फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
पुलिस ने विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका
प्रदर्शनकारियों ने दारुलशफा से विधानसभा तक मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस बल प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोकता नजर आया।
जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा पहले से उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। अब लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।













