₹7,500 से ₹25,000 मासिक स्टाइपेंड की मांग, आयुष मंत्री ने सात दिन में कार्रवाई का दिया आश्वासन
लखनऊ, 12 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के आयुष कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे इंटर्न छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। छात्र वर्तमान में मिल रहे ₹7,500 मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25,000 करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें राज्य में अन्य मेडिकल इंटर्न्स को मिलने वाले संशोधित स्टाइपेंड के समान आर्थिक सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इसी मांग को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश के विभिन्न आयुष कॉलेजों के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ से मुलाकात की। बैठक में छात्रों ने लंबे समय से लंबित स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
मंत्री ने सात दिन में कार्रवाई का दिया आश्वासन
छात्र प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, बैठक के दौरान आयुष मंत्री ने स्टाइपेंड बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने और आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के लिए सात दिन का समय मांगा। छात्रों ने मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की ओर से ठोस और लिखित आश्वासन मिलना जरूरी है।
छात्रों ने बैठक के दौरान सरकार का आदेश यानी जीओ (Government Order) या कोई औपचारिक लिखित आश्वासन उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया, ताकि प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर उनके पास स्पष्ट प्रमाण हो सके। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, उस समय कोई जीओ या लिखित आश्वासन उपलब्ध नहीं कराया गया।
मंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट से मिली सार्वजनिक पुष्टि की उम्मीद
लिखित आश्वासन नहीं मिलने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने आयुष मंत्री से उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से स्टाइपेंड के मुद्दे पर सार्वजनिक बयान या पोस्ट जारी करने का अनुरोध किया। छात्रों का कहना है कि इससे सरकार के रुख को लेकर उन्हें सार्वजनिक रूप से स्पष्टता मिल सकेगी।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, करीब दो घंटे बाद मंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से आयुष स्टाइपेंड के मुद्दे पर एक पोस्ट साझा की गई। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि उस पोस्ट में बैठक के दौरान चर्चा किए गए सात दिन के समय-सीमा का विशेष रूप से उल्लेख नहीं था।
इसके बावजूद, बैठक में दिए गए आश्वासन और उसके बाद जारी आधिकारिक पोस्ट को ध्यान में रखते हुए छात्रों ने सामूहिक रूप से अगले छह से सात दिनों तक सरकार की कार्रवाई का इंतजार करने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक आदेश जारी होने का इंतजार
आयुष छात्रों को उम्मीद है कि सरकार प्रतिनिधिमंडल को दिए गए आश्वासन को पूरा करेगी और जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ोतरी से संबंधित आवश्यक शासनादेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी। छात्रों का कहना है कि जब तक लिखित सरकारी आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनकी मांग का औपचारिक समाधान नहीं माना जा सकता।
छात्र समुदाय ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी मांग को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाता रहेगा। छात्रों के मुताबिक, उनका उद्देश्य सरकार के समक्ष अपनी समस्याओं को मजबूती से रखना और आयुष इंटर्न्स के लिए उचित आर्थिक व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।
क्या है आयुष छात्रों की मांग?
उत्तर प्रदेश के आयुष इंटर्न्स की मुख्य मांग है कि उनका मासिक स्टाइपेंड ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाए। छात्रों का तर्क है कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों में वर्षों की पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों को भी अन्य मेडिकल इंटर्न्स के समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए।
छात्रों ने अपनी मांग को समान पहचान, समान गरिमा और समान अवसर से जोड़ते हुए कहा है कि आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी उनके शैक्षणिक और पेशेवर योगदान के अनुरूप होनी चाहिए।
फिलहाल, छात्रों ने सरकार की ओर से अगले छह से सात दिनों में होने वाली कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिका दी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या इस अवधि में स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर आधिकारिक शासनादेश या अधिसूचना जारी होती है।
छात्रों की मांग स्पष्ट है: उत्तर प्रदेश के आयुष इंटर्न्स को ₹25,000 मासिक स्टाइपेंड दिया जाए।
यह खबर भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर यूपी में सेवा संकल्प अभियान













