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चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही जिन परिवारों के मकान बाढ़ के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1.20-1.20 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण जिन परिवारों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, उनकी मदद सरकार की प्राथमिकता है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री

चित्रकूट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर बाढ़ के कारण हुए नुकसान की जानकारी ली। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बाढ़ के कारण परेशान हुए लोगों तक आवश्यक सहायता जल्द से जल्द पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद परिवार को राहत से वंचित न रहना पड़े।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति, राहत कार्यों और प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी।

पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आर्थिक मदद

बाढ़ के कारण जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को 1 लाख 20 हजार रुपये की दर से सहायता राशि के चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के घर बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। राहत केवल तत्काल जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में भी प्रशासन हर संभव सहायता करेगा।

राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र

कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाए गए। राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे गए। इसका उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास और स्थायी पुनर्वास की दिशा में सहायता उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पुनर्वास से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और पात्र परिवारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।

राशन किट और राहत सामग्री का वितरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राशन किट और अन्य राहत सामग्री भी वितरित की। आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण की व्यवस्था का भी जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल राहत पहुंचाई जाए।

किसान, व्यापारी और आम लोगों को मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसान, व्यापारी, श्रमिक और सामान्य वर्ग समेत हर व्यक्ति को सरकार की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण लोगों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उनका समाधान संवेदनशीलता और तेजी के साथ किया जाना चाहिए।

बाढ़ के कारण सबसे अधिक प्रभाव आम जनजीवन, आवागमन, आवास और आजीविका पर पड़ता है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत वितरण, प्रभावित परिवारों को सहायता, पुनर्वास और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन बहाल करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ का प्रभाव अधिक है, वहां प्रशासन की मौजूदगी लगातार बनी रहनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को भोजन, राहत सामग्री, आवास और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

जल्द सामान्य होंगे हालात, पुनर्वास में तेजी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात जल्द सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। उन्होंने पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आपदा की स्थिति में प्रशासन और सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।

प्रभावित लोगों ने राहत कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने के बाद लोगों ने सरकार की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की सराहना की।

चित्रकूट में मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब बाढ़ से प्रभावित परिवारों के सामने तत्काल राहत के साथ-साथ भविष्य के पुनर्वास की चुनौती भी बनी हुई है। सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और भूमि आवंटन जैसे कदमों के जरिए प्रभावित परिवारों को दोबारा स्थायी रूप से बसाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जाए और बाढ़ प्रभावित प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी सहायता पहुंचाई जाए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ है और राहत, सहायता तथा पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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