लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनात 30 खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का स्थानांतरण कर दिया है। बेसिक शिक्षा अनुभाग-1 की ओर से 30 मई 2026 को जारी आदेशों में अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा जारी अलग-अलग कार्यालय आदेशों में कई जिलों के खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रशासनिक आवश्यकता एवं विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर तत्काल नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।
प्रमुख तबादलेस्थानांतरण सूची में कई महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। इनमें कुछ अधिकारियों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जिला शिक्षा कार्यालयों तथा विभिन्न विकास खंडों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।प्रमुख स्थानांतरणों में शामिल हैं:
श्री संजीव कुमार – प्रयागराज से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सम्भल।
श्री राजेश सिंह – चित्रकूट से जिला शिक्षा कार्यालय भदोही।
श्री अजीत कुमार – लखीमपुर खीरी से जिला शिक्षा कार्यालय कुशीनगर।
श्री अनिल कुमार सिंह – देवरिया से जिला शिक्षा कार्यालय कुशीनगर।
श्री राजीव कुमार गौतम – मिर्जापुर से जिला शिक्षा कार्यालय सहारनपुर।
श्री अभिषेक सिंह – अम्बेडकरनगर से जिला शिक्षा कार्यालय अयोध्या।
श्री विनोद चन्द्र श्रीवास्तव – बरेली से जिला शिक्षा कार्यालय गोरखपुर।
श्री राजेश कुमार सिंह – झांसी से जिला शिक्षा कार्यालय हमीरपुर।
श्री राजेश कुमार यादव – आगरा से जिला शिक्षा कार्यालय बस्ती।
श्री रामजीवन – चित्रकूट से जिला शिक्षा कार्यालय महराजगंज।
श्री सुभाष चन्द्र पाण्डेय – महाराजगंज से जिला शिक्षा कार्यालय लखीमपुर खीरीइसके
अतिरिक्त कई अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों में नई तैनाती दी गई है।
शासन ने दिए स्पष्ट निर्देशशासन के आदेश में कहा गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी अपने नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों, शिक्षा निदेशालय तथा विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कवायदशिक्षा विभाग के जानकारों का मानना है कि यह तबादला सूची विभागीय कार्यों में तेजी लाने, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभिन्न जिलों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बेसिक शिक्षा विभाग की निगरानी और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।













