नई दिल्ली।ऑपरेशन सिंदूर को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का कोई भी सैनिक शहीद नहीं हुआ। लेकिन अब भारतीय सेना द्वारा जारी जानकारी में छह वीर जवानों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) के ‘त्याग चक्र’ पर दर्ज किए जाएंगे।सेना के अनुसार इन वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें शामिल हैं—
• सूबेदार मेजर पवन कुमार
• राइफलमैन सुनील कुमार
• लांस नायक दिनेश कुमार
• अग्निवीर मुरली नायक
• हवलदार सुनील कुमार
• भारतीय वायुसेना के एयर सार्जेंट सुनील कुमार मोगा
इन सभी वीरों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित किए जाएंगे, जो देश के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान का सम्मान है।यहीं से विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है। विपक्ष का कहना है कि यदि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, तो संसद में यह बयान क्यों दिया गया कि कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ?हालांकि, यह भी संभव है कि रक्षा मंत्री का बयान किसी विशेष संदर्भ में दिया गया हो। मसलन, उनका आशय सीधे सैन्य कार्रवाई के दौरान हुई युद्धजनित क्षति से रहा हो या बयान किसी विशिष्ट चरण तक सीमित रहा हो। इस विषय पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि संसद में दिए गए बयान और सेना द्वारा साझा की गई जानकारी के बीच दिखाई दे रहे इस अंतर को सरकार किस तरह स्पष्ट करेगी। विपक्ष इस मुद्दे पर जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।राजनीतिक बहस अपनी जगह है, लेकिन इन छह वीर जवानों का सर्वोच्च बलिदान पूरे देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। राष्ट्र हमेशा उनके साहस और समर्पण का ऋणी रहेगा।अब सबकी नजर सरकार और रक्षा मंत्रालय की ओर है कि क्या इस पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया जाएगा और उठ रहे सवालों का जवाब सामने आएगा।देश के सभी वीर जवानों को नई सोच नई ऊर्जा परिवार की ओर से शत-शत नमन।जय हिंद।












