ramdas-athawale-rpi-up-election-bjp-alliance-assembly-seats-lucknow

लखनऊ। केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आरपीआई आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन के तहत 4 से 5 विधानसभा सीटों की मांग करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को गठबंधन में सीटें नहीं मिलती हैं तो आरपीआई प्रदेश की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है।

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने देश को एक मजबूत संविधान दिया, जिसने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान की।

26 नवंबर को लखनऊ में ‘संविधान सम्मान रैली’

रामदास आठवले ने घोषणा की कि 26 नवंबर को लखनऊ के वृंदावन क्षेत्र में आरपीआई की ‘संविधान सम्मान रैली’ आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में करीब एक लाख लोग शामिल होंगे।

रैली के जरिए पार्टी बाबा साहब अंबेडकर के विचारों और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश देने के साथ उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का प्रयास करेगी।

भाजपा से 4-5 विधानसभा सीटों की मांग

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आठवले ने आरपीआई की रणनीति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा गठबंधन के तहत चुनाव लड़ना चाहती है और इसके लिए 4 से 5 विधानसभा सीटों की मांग करेगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर गठबंधन के तहत आरपीआई को सीटें नहीं मिलती हैं तो पार्टी 20 से 25 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी करेगी। आठवले के इस बयान को यूपी में आरपीआई की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

पेपर लीक पर सख्त कानून का समर्थन

नीट और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक के मुद्दे पर भी केंद्रीय मंत्री ने अपनी बात रखी। आठवले ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का समर्थन किया।

उन्होंने इस संदर्भ में 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने जैसे कड़े प्रावधानों का जिक्र किया और कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी बोले आठवले

रामदास आठवले ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे विद्यार्थियों की मांग के सम्मान से जोड़ते हुए आंदोलनरत छात्रों से शांति बनाए रखने और आंदोलन समाप्त करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विद्यार्थियों का भरोसा कायम रहे।



प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Search

About

नई सोच नई ऊर्जा एक RNI-प्रमाणित (Registered with Registrar of Newspapers for India) और डिजिटल न्यूज़ चैनल है, जो निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।
हम राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समसामयिक विषयों पर विश्वसनीय समाचार और विश्लेषण पाठकों तक पहुँचाते हैं।

हमारी प्राथमिकता है सत्य, पारदर्शिता और जिम्मेदार पत्रकारिता
ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर ब्रेकिंग न्यूज़ तक, हमारी टीम खबरों की पुष्टि के बाद ही उन्हें प्रकाशित करती है।

नई सोच नई ऊर्जा का उद्देश्य है—

  • सटीक और भरोसेमंद समाचार
  • लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती
  • जनआवाज़ को मंच देना
  • डिजिटल माध्यम से त्वरित सूचना

हम मानते हैं कि सही खबर ही समाज को सही दिशा देती है

Gallery