राजधानी दिल्ली में हुई कुछ देर की बारिश ने एक बार फिर नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के बाहर भारी जलभराव देखने को मिला, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्ग पर पानी भर गया। सड़कें छोटे तालाब जैसी दिखाई देने लगीं और यात्रियों को घुटनों तक पानी में चलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ा। कई लोग जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी के बीच से गुजरते नजर आए, जबकि कुछ दोपहिया वाहन चालक भी जलभराव के कारण फंस गए।
यात्रियों को हुई भारी दिक्कत
सुबह और शाम के व्यस्त समय में जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बुजुर्गों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के आसपास हल्की बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है। वर्षों से इस समस्या की शिकायत की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। लोगों का आरोप है कि बारिश से पहले नालों की समय पर सफाई नहीं होने और ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता कम होने के कारण हर मानसून में यही स्थिति बन जाती है।
यातायात भी हुआ प्रभावित
जलभराव के चलते आसपास की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के बाहर जलभराव के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने कहा कि यदि थोड़ी सी बारिश में ही राजधानी की यह स्थिति है, तो लगातार बारिश होने पर हालात और गंभीर हो सकते हैं।
प्रशासन से लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
- नालों और सीवर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
- जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
- मानसून के दौरान त्वरित राहत टीमों की तैनाती की जाए।
हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने के लिए टीमें सक्रिय रहती हैं।













