लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के चर्चित यूरोलॉजी विभाग से जुड़े कथित दवा घोटाले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, गठित जांच समिति आज अपनी रिपोर्ट कुलपति (Vice Chancellor) को सौंप सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन द्वारा बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
आज कुलपति को मिलेगी जांच रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक, जांच समिति ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, विभागीय रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। अब अंतिम रिपोर्ट कुलपति को सौंपे जाने की तैयारी है।
एक डॉक्टर की भूमिका पर उठे सवाल
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान विभाग के एक डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। हालांकि, अभी तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है और न ही KGMU प्रशासन ने आधिकारिक रूप से किसी डॉक्टर का नाम जारी किया है।
रिपोर्ट में कई अहम तथ्यों का जिक्र संभव
सूत्रों का दावा है कि जांच रिपोर्ट में दवा खरीद, वितरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी टिप्पणी किए जाने की संभावना है।
कार्रवाई की उम्मीद
जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई सहित अन्य आवश्यक कदम उठा सकता है।
प्रशासन की नजर रिपोर्ट पर
फिलहाल KGMU प्रशासन की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन आगे की कार्रवाई और आधिकारिक बयान जारी कर सकता है।













