नई दिल्ली। संसद परिसर के बाहर गुरुवार को उस समय राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव एक अलग अंदाज में नजर आईं। हाथ में दानपात्र लेकर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से चंदा मांगा और इस प्रदर्शन के जरिए राम मंदिर दान से जुड़े विवाद पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उनका यह विरोध प्रदर्शन कुछ ही देर में मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
डिंपल यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि जनता की आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनका आरोप था कि राम मंदिर दान से जुड़े सवालों पर अभी भी कई पहलुओं को लेकर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आए हैं। इसी संदेश को देने के लिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र के साथ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि इस मामले में जांच के लिए पहले ही विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। इस पर डिंपल यादव ने कहा कि केवल जांच समिति बना देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी जांच की बातें हुई थीं, लेकिन जनता आज भी यह जानना चाहती है कि उन जांचों का अंतिम परिणाम क्या रहा और जिम्मेदारी किसकी तय हुई।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि जनता के सामने तथ्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ रखा जाना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि यदि मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और दान से जुड़ा है, तो हर सवाल का स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब मिलना चाहिए।
हालांकि, सरकार और संबंधित पक्ष पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि मामले में आवश्यक जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की जांच के आधार पर कार्रवाई भी की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
संसद के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक बहस को नई दिशा दे दी है। सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा बता रहा है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर भी इस विषय पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
फिलहाल डिंपल यादव का दानपात्र लेकर किया गया यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या विपक्ष इस विषय को संसद के भीतर और बाहर बड़े अभियान के रूप में आगे बढ़ाता है।













