रिपोर्ट: राहुल मिश्रा | नई सोच नई ऊर्जा
लखनऊ, 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राम मंदिर में कथित चंदा और चढ़ावे से जुड़े विवादों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए की जा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान अजय राय ने रामपुर विकास प्राधिकरण के दस्तावेज मीडिया के सामने प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि 15 जुलाई 2026 को सुबह सुनवाई हुई और उसी दिन शाम तक 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इतनी तेजी से लिया गया फैसला सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
“2005 में बना विश्वविद्यालय, तब RDA की सीमा में नहीं था”
अजय राय ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी, जबकि जिस क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थित है, वह 2024 में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की सीमा में शामिल किया गया। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जब निर्माण के समय यह क्षेत्र विकास प्राधिकरण के दायरे में था ही नहीं, तो नक्शा पास कराने का प्रश्न कैसे उठता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।
“भाजपा निर्माण नहीं, विध्वंस की राजनीति करती है”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें बंद करने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और इस वर्ष कई इंजीनियरिंग कॉलेज भी बंद हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नई मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तक उपलब्ध नहीं हैं और शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।
“75 प्रतिशत छात्र हिंदू हैं”
अजय राय ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले लगभग 75 प्रतिशत छात्र हिंदू समुदाय से हैं, जबकि यहां सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी भी कार्यरत हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय पर कार्रवाई केवल एक व्यक्ति या संस्था पर नहीं बल्कि हजारों छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य पर असर डालने वाली है।
उन्होंने सरकार से विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाय उसे संरक्षित करने की मांग की।
भाजपा और RSS भवनों की जांच की मांग
प्रेस वार्ता में अजय राय ने कहा कि यदि सरकार अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला रही है, तो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालयों की भी जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण हुआ है, तो वहां भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
एक सवाल के जवाब में अजय राय ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने संघर्ष का किया ऐलान
अजय राय ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा संस्थानों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रखती है, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा संस्थानों को बचाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी.













