लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ की जा रही बयानबाजी लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
क्या है कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे लगातार देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से इस्तीफे की मांग किए जाने का भी कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब विपक्ष सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करता है, तब संवैधानिक मर्यादा की बात की जाती है। उनका आरोप है कि भाजपा नेताओं द्वारा विपक्षी नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की जाने वाली कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी समान संवैधानिक मानदंड लागू होने चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यदि राजनीतिक संवाद में मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, तो वह सभी दलों और नेताओं पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
पुलिस रही मुस्तैद
पुतला दहन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ता वहां से चले गए।
हालांकि, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और बयानों पर भाजपा नेताओं की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।












