लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी की नेता और ब्राह्मण समाज से जुड़ी नेता पूजा शुक्ला ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक बातचीत के दौरान उन्होंने गोरखपुर में हुई कथित हत्या की घटना का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। पूजा शुक्ला ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में गंभीर वारदात के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।
पूजा शुक्ला ने कहा कि एक तरफ सरकार प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बुलडोजर और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी तरफ गोरखपुर में एक व्यक्ति की हत्या की घटना सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि घटना में व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उसका गला काटे जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इन आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जांच या पुलिस के बयान से होना बाकी है।
‘ब्राह्मणों के खिलाफ अपराध पर सरकार मौन’
सपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और अपराधी की जाति या राजनीतिक पहचान देखकर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
पूजा शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून-व्यवस्था संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है तो गंभीर घटनाओं में भी उसी तरह की कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर भी साधा निशाना
पूजा शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के हितों की बात करने वाले नेताओं को समाज से जुड़े गंभीर मामलों में अपनी आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर की घटना को लेकर डिप्टी सीएम की ओर से अब तक कोई प्रभावी सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पूजा शुक्ला ने इसे लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
‘बुलडोजर कार्रवाई में भी भेदभाव का आरोप’
पूजा शुक्ला ने प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के हिसाब से किया जाता है। उनका कहना था कि यदि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की नीति है तो वह सभी मामलों में समान रूप से लागू होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मामलों में हत्या, बलात्कार या अन्य गंभीर अपराध के आरोप हैं, वहां भी कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती।
सुल्तानपुर के लाइनमैन मामले का भी उठाया मुद्दा
बातचीत के दौरान पूजा शुक्ला ने सुल्तानपुर में एक ब्राह्मण लाइनमैन के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ और लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है। उनके मुताबिक, घटना के सदमे में उसके पिता की मौत हो गई।
पूजा शुक्ला ने इस मामले को दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने घायल व्यक्ति के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
आकाश आनंद के बयान पर भी प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी के नेता आकाश आनंद द्वारा अखिलेश यादव और राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी पूजा शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं और उन्हें व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय युवाओं, रोजगार, आरक्षण और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने युवाओं और आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। पूजा शुक्ला ने सवाल किया कि जब युवाओं के आंदोलनों में कार्रवाई हुई, तब आकाश आनंद की भूमिका क्या थी।
‘कानून सबके लिए समान होना चाहिए’
बातचीत के अंत में पूजा शुक्ला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गोरखपुर और सुल्तानपुर जैसी घटनाओं में निष्पक्ष जांच हो तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार और सुरक्षा मिले। उनका कहना था कि अपराधी किसी भी जाति या वर्ग से हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
नोट: इस खबर में गोरखपुर और सुल्तानपुर की घटनाओं से संबंधित आरोप एवं राजनीतिक दावे पूजा शुक्ला के बयान के आधार पर हैं। संबंधित मामलों में पुलिस/प्रशासन की आधिकारिक जांच और पक्ष को अंतिम तथ्य के रूप में देखा जाना चाहिए।
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