लखनऊ के हजरतगंज इलाके में पुलिस ने हत्या की कथित साजिश का खुलासा करते हुए कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद को लेकर इरफान अहमद रिजवी की हत्या की योजना बनाई गई थी। कथित तौर पर हत्या के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी और शूटरों को अवैध पिस्टल, कारतूस, चोरी की बाइक और लक्ष्य की तस्वीर उपलब्ध कराई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी साजिश की शुरुआती कड़ी 18 अगस्त 2026 को सामने आई, जब हजरतगंज पुलिस ने दो संदिग्धों मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमीर को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में कथित हत्या की साजिश से जुड़े अहम सुराग सामने आए।
चोरी की बाइक से वारदात की तैयारी
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमीर चोरी की मोटरसाइकिल से इलाके में घूम रहे थे। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें एक व्यक्ति की हत्या के लिए भेजा गया था। उन्हें लक्ष्य की पहचान के लिए मोबाइल फोन में उसकी तस्वीर दिखाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में अमन कुरैशी का नाम बताया और दावा किया कि उन्हें हत्या के बदले 2 लाख रुपये देने की बात कही गई थी। पुलिस का कहना है कि हथियार और कारतूस भी अमन कुरैशी की ओर से उपलब्ध कराए गए थे।
एक महीने से चल रही थी कथित तैयारी
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, इरफान अहमद रिजवी की हत्या की कथित योजना करीब एक महीने पहले से तैयार की जा रही थी। साजिश में शामिल लोगों ने कथित तौर पर लक्ष्य की पहचान के लिए उसकी तस्वीर हासिल की थी।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों को एक अलग की-पैड मोबाइल फोन और सिम भी दिया गया था, ताकि कथित वारदात के बाद संपर्क और पहचान को छिपाया जा सके। इसके अलावा हत्या के लिए पिस्टल और कारतूस तथा चोरी की मोटरसाइकिल की व्यवस्था की गई थी।
5 पुलिस टीमों ने शुरू की तलाश
मामले में अमन कुरैशी फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए डीसीपी मध्य के निर्देशन में हजरतगंज थाना और मध्य जोन सर्विलांस सेल की संयुक्त रूप से 5 पुलिस टीमें गठित की गईं।
पुलिस के अनुसार, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से अमन कुरैशी को 21 अगस्त 2026 को रात करीब 2:15 बजे लक्ष्मण मेला पार्क के अंदर से गिरफ्तार किया गया।
अमन से पूछताछ के बाद पुलिस के सामने तीन और नाम आए। इसके बाद 21 अगस्त को करीब 10:45 बजे बैकुंठ धाम बंधा रोड के नीचे बने मंदिर के पास से सोहैल अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद फरहान सिद्दीकी और बिलाल हाशमी को गिरफ्तार किया गया।
प्रॉपर्टी एंगल पर पुलिस की जांच
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में प्रॉपर्टी से जुड़ा एंगल सामने आया है। प्रेस नोट के मुताबिक, बिलाल हाशमी मदरसा जामिया अनवर अल सलामिया, मकबूल नगर, फरीदीपुर का मैनेजर है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करता है।
पुलिस का दावा है कि बिलाल के पास मदरसे से जुड़े दस्तावेज थे और उसे इरफान अहमद की संपत्तियों के बारे में जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर मदरसे की संपत्ति समेत इरफान अहमद की संपत्ति पर कब्जे के उद्देश्य से हत्या की सुपारी देने की बात सामने आई है।
हालांकि, हत्या की साजिश, सुपारी और संपत्ति पर कब्जे से जुड़े ये आरोप पुलिस की पूछताछ में सामने आए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
वकीलों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल सोहैल अहमद सिद्दीकी और फरहान सिद्दीकी पेशे से अधिवक्ता हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों के संपर्क में बिलाल हाशमी भी था और वे उसके क्लाइंट बताए गए हैं।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार यह भी सामने आया कि इरफान अहमद रिजवी की तस्वीर कथित तौर पर सोहैल और फरहान की ओर से अमन कुरैशी को उपलब्ध कराई गई थी।
कौन-कौन गिरफ्तार?
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 6 है—
- अमन कुरैशी
- सोहैल अहमद सिद्दीकी
- मोहम्मद फरहान सिद्दीकी
- बिलाल हाशमी
- मोहम्मद शाहिद
- मोहम्मद जमीर
पुलिस ने बताया कि पहले चरण में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनकी पूछताछ के बाद सामने आए सुरागों के आधार पर फरार आरोपी समेत 4 अन्य आरोपियों तक पुलिस पहुंची।
केस में अब तक सामने आए प्रमुख आंकड़े
- कुल गिरफ्तार आरोपी: 6
- शुरुआती गिरफ्तारी: 2 आरोपी
- बाद में गिरफ्तार आरोपी: 4
- कथित सुपारी की रकम: 2 लाख रुपये
- बरामद अवैध पिस्टल: 1
- बरामद जिंदा कारतूस: 5
- बरामद चोरी की मोटरसाइकिल: 1
- कथित हत्या की तैयारी: करीब 1 महीने से
- फरार आरोपी की गिरफ्तारी: 21 अगस्त, रात करीब 2:15 बजे
- तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी: 21 अगस्त, करीब 10:45 बजे
- फरार आरोपी की तलाश के लिए गठित संयुक्त पुलिस टीमें: 5
- मुकदमा अपराध संख्या: 176/2026
- थाना: हजरतगंज, लखनऊ
- कार्रवाई में शामिल: हजरतगंज थाना पुलिस और मध्य जोन सर्विलांस सेल
किन धाराओं में मुकदमा?
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक मुकदमा अपराध संख्या 176/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 303(2), 317(2), 61(2)क, 62 और 308(6) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कथित साजिश में शामिल अन्य कड़ियों और पूरे प्रकरण में भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई में कौन-कौन शामिल रहा?
इस कार्रवाई में हजरतगंज थाने के विवेचक उपनिरीक्षक विकास कुमार सिंह समेत पुलिस टीम के कई अधिकारी और मध्य जोन सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही। प्रेस नोट में हजरतगंज पुलिस और सर्विलांस सेल के कुल 15 से अधिक पुलिसकर्मियों के नाम दर्ज हैं।
यह खबर भी पढ़ें: गाजीपुर पुलिस ने स्कूटी चोरी का किया खुलासा













