लखनऊ। राम मंदिर चोरी मामले को लेकर शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में हुई चोरी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है और इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
धरने के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि “जिन लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है, उन्होंने केवल धन की नहीं बल्कि देशवासियों की आस्था की भी चोरी की है। ऐसे लोगों को फांसी जैसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” प्रदर्शनकारी सरकार से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कठोर दंड देने की मांग कर रहे थे।
सपा नेताओं का कहना है कि वे हजरतगंज चौराहे पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देना चाहते थे, लेकिन लखनऊ पुलिस ने उन्हें धरना शुरू होने के कुछ ही देर बाद हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहन में बैठाकर ईको गार्डन ले जाया गया, जहां उन्हें छोड़ दिया गया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान भी प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और राम मंदिर चोरी के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाते रहे। घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को भी प्रशासन द्वारा दबाने का प्रयास किया गया।
(नोट: यह समाचार प्रदर्शनकारियों के दावों और मौके पर हुई घटनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।)













