मेरठ/लखनऊ: आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण ने रविवार को मेरठ में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा और ट्रैफिक पर विशेष फोकस
बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और लगातार पेट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर रहेगा प्रतिबंध
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
“जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट” लक्ष्य
डीजीपी राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा “Zero Incident, Zero Accident” के लक्ष्य के साथ संपन्न कराई जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं समीक्षा
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मेरठ में कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। उन्होंने कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त रखने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
मुख्य बिंदु
- मेरठ में मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण की उच्चस्तरीय बैठक।
- एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी समेत वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद।
- कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा।
- दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा।
- सरकार का लक्ष्य: “जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट” कांवड़ यात्रा।













