अगरतला/नई दिल्ली: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपने कार्यालय में मृत पाए गए। इस घटना से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जानकारी में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अनुराग धनखड़ अपने कार्यालय कक्ष में अचेत अवस्था में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल अगरतला के गोविंद बल्लभ पंत (GBP) अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धनखड़ ने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल का इस्तेमाल किया हो सकता है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और राज्य प्रशासन ने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।
कौन थे अनुराग धनखड़?
अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के डीजीपी का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे डीजीपी (इंटेलिजेंस) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके थे।
धनखड़ का लंबा कार्यकाल सीबीआई (CBI) में भी रहा, जहां उन्होंने कई चर्चित मामलों की जांच का नेतृत्व किया। वे गृह मंत्रालय द्वारा गठित 1984 सिख विरोधी दंगों की विशेष जांच टीम (SIT) के अध्यक्ष भी रह चुके थे। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के कोसोवो मिशन में भी सेवाएं दी थीं। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें पुलिस मेडल और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले मौत के कारणों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
प्रमुख बिंदु
- त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए।
- प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या की आशंका, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं।
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जांच जारी।
- अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे।
- सीबीआई, यूएन मिशन और कई महत्वपूर्ण पदों पर दे चुके थे सेवाएं।













