लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अब किसान संगठन भी छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं। भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) ने लखनऊ में प्रदर्शन करते हुए NEET, CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाओं से देश के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। संगठन ने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

छात्रों के समर्थन में उतरा किसान संगठन

भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखनऊ में एकत्र हुए और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं के हाथों में झंडे और बैनर दिखाई दिए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसान परिवारों के बड़ी संख्या में बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता का प्रभाव केवल विद्यार्थियों पर नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार पर पड़ता है।

NEET और CUET का मुद्दा उठाया

संगठन की ओर से दिए गए ज्ञापन में NEET, CUET और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाएं लाखों-करोड़ों विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। संगठन ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन का सबसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रहा। प्रदर्शन से जुड़े बैनर और ज्ञापन में भी यह मांग प्रमुखता से दिखाई दी।

किसान यूनियन का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते हुए सरकार से छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।

यह संगठन की ओर से लगाया गया आरोप और राजनीतिक मांग है।

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी कई वर्षों तक मेहनत करते हैं और उनके परिवार शिक्षा तथा कोचिंग पर बड़ी रकम खर्च करते हैं। यदि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।

संगठन ने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में जवाबदेही तय करने, कथित पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की मांग की।

किसान और छात्र के मुद्दे अलग नहीं: संगठन

किसान यूनियन का कहना है कि किसानों और छात्रों के मुद्दों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। ग्रामीण और किसान परिवारों के बच्चे भी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों, मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

इसी आधार पर संगठन ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर किसान संगठन भी आवाज उठाते रहेंगे।

लखनऊ जिला अध्यक्ष सरदार दिलराज सिंह ने उठाए सवाल

ज्ञापन पर भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के लखनऊ जिला अध्यक्ष सरदार दिलराज सिंह का नाम दर्ज है। संगठन की ओर से परीक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही से संबंधित मांगों को सरकार के सामने रखा गया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित छात्रों से संबंधित मांगों को लेकर नारेबाजी की गई।

सरकार से कार्रवाई की मांग

भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) ने सरकार से मांग की है कि छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाए। संगठन का कहना है कि युवाओं के भविष्य से संबंधित मामलों में जांच और कार्रवाई में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि उसकी प्रमुख मांग परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने, कथित अनियमितताओं की जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने की है।

इस प्रदर्शन के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक बहस में किसान संगठनों की भागीदारी भी सामने आई है। अब देखना होगा कि संगठन द्वारा उठाई गई मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

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