लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों की मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पहल की है। लखनऊ के हजरतगंज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद कहा कि उनकी मांगों और चिंताओं को केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक प्रस्तावित है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, छात्रों की मांगों और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर चर्चा हुई।
छात्रों का पत्र केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन से जुड़े छात्रों की ओर से उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसे केंद्रीय नेतृत्व तक भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से प्रदर्शन से जुड़े विषय पर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
ब्रजेश पाठक ने कहा, “जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन हुआ था। हमें छात्रों का एक पत्र मिला, जिसे हमने केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। केंद्र ने कहा है कि प्रदर्शन से जुड़े विषय पर कार्रवाई की जाएगी। दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के साथ हमारी बैठक होगी।”
छात्रों की मांगों को केंद्र तक पहुंचाने का भरोसा
डिप्टी सीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और चिंताओं को संबंधित स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व के साथ वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
इस पहल को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और केंद्र सरकार के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों की मांगों पर अंतिम निर्णय केंद्रीय स्तर पर होने वाली आगामी वार्ता के बाद ही स्पष्ट होगा।
हर्ष दुबे बोले- शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने पहुंचे थे छात्र
आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे ने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनकी मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन मिला है।
हर्ष दुबे के मुताबिक, छात्रों की प्रमुख चिंता शिक्षा व्यवस्था और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के बीच किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी छात्रों को समान अवसर तथा समान व्यवहार मिलना चाहिए।
शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मौजूदा शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर मिलना चाहिए। छात्रों का तर्क है कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें विद्यार्थियों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों।
छात्रों ने अपने पत्र में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा अपनी मांगों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार का मुद्दा भी पत्र के माध्यम से उठाया गया है।
दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक
अब सभी की नजरें दो दिन बाद होने वाली प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक में छात्रों की मांगों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा जाएगा। माना जा रहा है कि बैठक के दौरान आरक्षण व्यवस्था, शिक्षा में समान अवसर और जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर छात्रों का पक्ष विस्तार से रखा जाएगा।
यदि वार्ता सकारात्मक रहती है तो आंदोलनकारी छात्रों और केंद्र के बीच आगे संवाद का रास्ता खुल सकता है। वहीं, छात्रों की मांगों पर केंद्र का रुख और आगे की कार्रवाई बैठक के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आंदोलनकारियों और सरकार के बीच संवाद की कोशिश
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद अब लखनऊ में हुई इस मुलाकात ने पूरे मामले को एक नए चरण में पहुंचा दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने छात्रों की बात केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही है। ऐसे में आने वाली केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक को आंदोलन से जुड़े छात्रों के लिए अहम माना जा रहा है।
फिलहाल छात्रों को उनकी मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन मिला है और दो दिन बाद होने वाली बैठक से आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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