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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई के बीच किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद की उपलब्धता तथा स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। लखनऊ कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने इन समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि प्रदेश में खरीफ की फसल की बुवाई और रोपाई का काम चल रहा है। ऐसे समय में किसानों के लिए यूरिया और डीएपी खाद बेहद जरूरी है, लेकिन कई स्थानों पर खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। पार्टी ने दावा किया कि इससे किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में दूसरा प्रमुख मुद्दा स्मार्ट मीटर और बिजली के बढ़े हुए बिलों का उठाया गया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की ओर से अधिक बिजली बिल आने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

ज्ञापन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित है और इसे जिलाधिकारी, लखनऊ के माध्यम से भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। इसमें किसानों और बिजली उपभोक्ताओं से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की गई है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही खाद की कथित कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

पार्टी ने स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है। कांग्रेस का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल असामान्य रूप से बढ़े हैं, उनकी शिकायतों का समाधान कर उन्हें राहत दी जानी चाहिए।

खरीफ सीजन में खाद की जरूरत का उठाया मुद्दा

ज्ञापन में कहा गया है कि खरीफ की फसल के दौरान खाद की उपलब्धता सीधे किसानों की खेती को प्रभावित करती है। समय पर खाद न मिलने की स्थिति में बुवाई, रोपाई और फसल की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत सहित विभिन्न आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यदि जरूरत के समय उन्हें यूरिया और डीएपी के लिए भटकना पड़े तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।

इसी आधार पर कांग्रेस ने प्रशासन से खाद वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि किसानों को निर्धारित व्यवस्था के तहत पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो।

खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में खाद की कथित कालाबाजारी और कृत्रिम कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि इस संबंध में प्रभावी रोक लगाई जाए।

पार्टी की मांग है कि खाद की उपलब्धता और वितरण पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि वास्तविक किसानों तक खाद समय पर पहुंच सके।

हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए खाद की कमी और कालाबाजारी से संबंधित आरोप कांग्रेस की ओर से किए गए हैं। संबंधित विभाग अथवा राज्य सरकार का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर भी कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे के साथ-साथ आम बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया है।

पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के कारण कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अत्यधिक वृद्धि की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता आर्थिक रूप से परेशान हो रही है।

कांग्रेस ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि बिलिंग अथवा मीटर से संबंधित कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए।

किसानों और आम नागरिकों के हित में कार्रवाई की अपील

ज्ञापन के अंत में कांग्रेस पदाधिकारियों ने राज्यपाल से किसानों एवं आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि खाद जैसी कृषि की बुनियादी आवश्यकता किसानों तक समय पर पहुंचनी चाहिए। इसी तरह बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों का भी पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।

इन कांग्रेस नेताओं के नाम ज्ञापन में दर्ज

सामने आए ज्ञापन पर लखनऊ कांग्रेस के तीन पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इनमें शहर कांग्रेस कमेटी लखनऊ (दक्षिणी) के अध्यक्ष डॉ. शहजाद आलम, शहर कांग्रेस कमेटी लखनऊ (उत्तरी) के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव ‘त्यागी’ और जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रुद्रदमन सिंह ‘बब्बर’ शामिल हैं।

ज्ञापन पर पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं।

सरकार के सामने कांग्रेस ने रखीं प्रमुख मांगें

कांग्रेस के ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों को पर्याप्त यूरिया और डीएपी खाद समय पर उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी एवं कृत्रिम कमी पर प्रभावी कार्रवाई करने, स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और बढ़े बिजली बिलों से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि कांग्रेस द्वारा राज्यपाल को संबोधित इस ज्ञापन के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराए गए कांग्रेस के ज्ञापन में दर्ज दावों और मांगों पर आधारित है। खाद की कमी, कालाबाजारी और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों संबंधी आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।



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