दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में छात्र सभा, महिला सभा और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा विरोध दर्ज कराया।
“लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश”
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विपक्षी नेताओं पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना था कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए।
महिलाओं और छात्रों की रही बड़ी भागीदारी
लखनऊ में हुए विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और युवाओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
लंबे समय बाद सड़कों पर दिखा सपा का बड़ा प्रदर्शन
राजधानी लखनऊ में लंबे समय बाद समाजवादी पार्टी का इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली की घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
सरकार से कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी नेताओं ने मांग की कि दिल्ली में हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के अधिकारों की रक्षा की जाए।
हालांकि, इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासन की ओर से भी अपने स्तर पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग पक्ष सामने रखा गया है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।













