लखनऊ, 22 जुलाई। राजधानी लखनऊ में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के खिलाफ बड़ा विरोध मार्च निकाला। यह मार्च वीवीआईपी गेस्ट हाउस से शुरू होकर कांग्रेस प्रदेश कार्यालय तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, युवा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा, प्रांतीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक राजेश्वर सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध दर्ज कराते हुए राहुल गांधी और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
21 जुलाई की घटना को लेकर जताया विरोध
भाजपा नेताओं ने कहा कि 21 जुलाई को राहुल गांधी और विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रदर्शन और घेराव का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के नहीं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री होते हैं और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक परंपराओं और सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास जैसे संवेदनशील क्षेत्र की ओर कूच करना उचित नहीं माना जा सकता।
जंतर-मंतर आंदोलन पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन दिया जा रहा है और कुछ बाहरी तत्व भी इसमें सक्रिय हैं। नेताओं का दावा था कि विपक्ष इस आंदोलन के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आंदोलन का समर्थन कर रहे छात्र संगठनों तथा विपक्षी दलों ने इन आरोपों को पहले भी खारिज किया है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पोस्टर पर विरोध प्रदर्शन भी किया। नेताओं ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
मार्च के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कांग्रेस कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में कार्यकर्ता वापस लौट गए।
राजनीतिक महत्व
21 जुलाई को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा का यह विरोध मार्च राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा इसे प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि उनका आंदोलन छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर था। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।













