लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को लखनऊ में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण भारत से जुड़े 15 प्रमुख मुद्दों पर केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव आशीष यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान किसानों ने सरकार से कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
किसानों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कहा गया है कि देश का किसान लगातार बढ़ती खेती की लागत, प्राकृतिक आपदाओं, महंगी बिजली, उर्वरकों की बढ़ती कीमतों, फसलों के उचित मूल्य न मिलने और कर्ज के बोझ जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। संगठन ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ेगा।
भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से मांग की कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए, किसानों की कर्जमाफी की जाए, कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
15 सूत्रीय मांगों में शामिल प्रमुख बिंदु
- MSP को कानूनी गारंटी मिले।
- किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की जाए।
- कृषि कार्य के लिए पर्याप्त एवं सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिले।
- फसल बीमा योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
- कृषि लागत कम करने के लिए डीजल, खाद और बीज पर राहत दी जाए।
- किसानों और कृषि मजदूरों के लिए रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- भूमि अधिग्रहण मामलों में किसानों के हितों की रक्षा की जाए।
- डेयरी और कृषि उत्पादों के आयात पर नियंत्रण कर घरेलू किसानों के हित सुरक्षित किए जाएं।
- सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
सरकार से जल्द निर्णय की अपील
भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल कृषि क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है। संगठन ने केंद्र सरकार से ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी, किसान प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।













