नई दिल्ली। देश में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने छात्रों की मांगों, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही, प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई और संसद में प्रधानमंत्री की मौजूदगी को लेकर कई सवाल उठाए।
मीडिया की ओर से संसद की कार्यवाही को लेकर सवाल किए जाने पर प्रियंका गांधी नाराज नजर आईं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि विपक्ष से सवाल पूछने के साथ सरकार और उसके मंत्रियों से भी छात्रों के मुद्दों पर सवाल किए जाने चाहिए।
“प्रधानमंत्री सदन में क्यों नहीं आए?”
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब देश के युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तब सरकार को संसद में इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “इतना बड़ा आंदोलन चल रहा है, पूरा देश का युवा बाहर है, प्रधानमंत्री जी सदन में नहीं आए। और आप मुझसे पूछ रहे हैं कि सदन क्यों नहीं चल रहा है?”
प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा कि सरकार से पूछा जाना चाहिए कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर सरकार का क्या रुख है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सवाल
कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया कि क्या उन्होंने शिक्षा मंत्री से पूछा है कि वह इस्तीफा कब देंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा, “आपने धर्मेंद्र प्रधान जी से पूछा कि आप इस्तीफा कब दे रहे हैं? पूछा है आपने?”
उनका यह बयान प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्र संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग के संदर्भ में आया।
अमित शाह से भी सवाल पूछने की मांग
प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने सवाल किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया और कथित रूप से घायल हुए छात्रों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब क्यों नहीं मांगा जा रहा।
प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा, “आपने अमित शाह जी से पूछा कि उन्होंने लाठियां क्यों चलवाईं? आपने अमित शाह जी से पूछा कि इतने छोटे-छोटे बच्चे अस्पताल में क्यों हैं?”
ये आरोप प्रियंका गांधी द्वारा मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए गए हैं। संबंधित घटनाओं में पुलिस कार्रवाई और उसके आदेश को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
इंटरनेट बंद किए जाने पर भी उठाया सवाल
प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इंटरनेट बंद होने के कारण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और उनके अभिभावकों को संपर्क करने में परेशानी हुई।
उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है और क्या आंदोलन कर रहे छात्रों को सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
मीडिया पर भी भड़कीं प्रियंका गांधी
बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार बार-बार वही सवाल पूछ रहे हैं जिन्हें सरकार विपक्ष से पूछना चाहती है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे सरकार के मंत्रियों से छात्रों की मांगों, परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े सवाल पूछें।
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि जब सरकार और उसके मंत्रियों से इन मुद्दों पर सवाल पूछे जाएंगे, तब वह भी मीडिया द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जवाब देंगी।
छात्र आंदोलन बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस लगातार छात्रों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही का सवाल उठा रही है।
दूसरी ओर, सरकार और भाजपा की ओर से कहा जाता रहा है कि केंद्र युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे में प्रियंका गांधी का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित पुलिस कार्रवाई और प्रधानमंत्री की संसद में मौजूदगी को लेकर उठाए गए सवालों से इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।













